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romantic shayari in hindi for girlfriend

Romantic Shayari in Hindi For Girlfriend

Mujhe Yeh Darr Hai Teri Aarzoo Na Mit Jaye
Bahut Dinon Se Tabiyat Meri Udas Nahin
मुझे ये डर है तेरी आरजू न मिट जाये
बहुत दिनों से तबियत मेरी उदास नहीं

Barish Mein Bheegne Ke Zamane Gujar Gaye
Woh Shakhs Mere Shauk Chura Kar Chala Gaya
बारिश में भीगने के ज़माने गुजर गए
वो शख्स मेरे शौक चुरा कर चला गया

Na Samet Sakoge Qayamat Tak Jise Tum
Kasam Tumhari Tumhein Itni Mohabbat Karte Hain
ना समेट सकोगे क़यामत तक जिसे तुम
कसम तुम्हारी तुम्हें इतनी मोहब्बत करते हैं

Aap Jab Tak Rahenge Aankho Mein Najara Bankar
Roj Aayenge Meri Duniya Mein Ujala Bankar
आप जब तक रहेंगे आंखों में नजारा बनकर
रोज आएंगे मेरी दुनिया में उजाला बनकर

from Romantic Shayari In Hindi

Ladki Patane Ka Tarika idea Trick In Hindi

किसी भी लड़की को पटाने या इम्प्रेस करने के लिए (Ladki Ko Impress Karne Ke Liye Tarike) पहले आपको सुंदर और आकर्षक दिखना होगा | लड़कियों का दिल जीतना कोई आसान काम नहीं | यदि ये काम समझदारी से न किया जाये तो लेने के देने पड़ सकते हैं | Ladkiyon Ko Impress Karne Ke Liye लड़कियों का दिल जीतने के लिए सबसे पहले आपको माहौल को समझना और परखना जरुरी है | इतना ही नहीं लड़की को एकदम से प्यार का इजहार करने के बजाय सबसे पहले  लड़की से मित्रता बनानी चाहिए | अधिकांशतः यह देखा गया है कि बातचीत में लड़कियों को मजा आता है | इसलिए पहले उनसे बातचीत करना चाहिए |

 

लड़कियों का दिल जीतने से पहले आपको बॉडी लैंग्वेज को जानना जरुरी है कि लड़की आपमें इंट्रेस्टेड है भी या नहीं | आईये जाने लड़कियों का दिल कैसे जीते (Kisi Ladki Ka Dil Kaise Jeeten), लड़की को इम्प्रेस कैसे करें (Ladki Ko Impress Kaise Kare) | लड़कियों का दिल जीतने के लिए जरुरी है की आप कुछ ऐसे काम करें जिससे आपसे इम्प्रेस हुए बिना रह न सके | लड़की को इम्प्रेस करने के लिए या उसका दिल जीतने के लिए आपको उससे मुस्कराकर बातचीत शुरू करनी चाहिए | इससे लड़की आपसे इम्प्रेस होगी |

ladki patane ka tarika 1

आप जिसे पसंद करते हैं जब वह स्कूल या कॉलेज जाने के लिए निकल रही हो तो आप उसके साथ साथ चलें और उनसे बात करते हुए भी जाएं ऐसा लगातार 7 दिनों तक कीजिए और आठवें दिन लड़की को इग्नोर करना शुरु कीजिए | आप देखेगें की वह नवें दिन आपसे जरूर पूछेगी कि कल आप साथ क्यों नहीं आए और इस तरह आपकी बात शुरू हो जाएगी |

ladki patane ka tarika 2

लड़की पटाने का सबसे अच्छा तरीका (Ladki Ko Patane Ke Best Tarike) यह होता है आप लड़की के सामने उसके दोस्त की खूब तारीफ करो इससे लड़की के दिल में जलन पैदा हो जाएगी और वह आपको प्रपोज कर देगी | क्योंकि लड़कियां ही लड़कियों से जलती हैं और इस जलने में लड़कों का बहुत फायदा होता है | इसलिए इस तकनीक का इस्तेमाल आप जरूरत पड़ने पर कर सकते हैं |

ladki patane ka tarika 3

लड़की को पहले देखो और जब वह आप की तरफ देखें तो उसे इशारा करो कि उसकी गाल पर कुछ है | और जब वह गाल को साफ करें तो दोबारा इशारे से बोलो कि इस काल पर नहीं बल्कि दूसरे गाल पर है | यह बहुत अच्छा और असरदार फॉर्मूला होता है जिसे पूरे विश्व में इस्तेमाल किया जाता है | इस तरह से मैंने कई लड़कियों को पटाते हुए लड़कों को देखा है |

ladki patane ka tarika 4

किसी भी लड़की का दिल गहराई से जीतने के लिए उसके भविष्य (Future) और प्रेजेंट (Present) की प्लानिंग (Planning) और इस में आने वाली समस्या को हल करने के लिए आप अपने आपको उसमें इनवॉलव (Involve) करें | जिससे लड़की आपको अपना समझने में देर नहीं करेगी और लड़की पटने में इससे बहुत आसानी होगी |

ladki patane ka tarika 5

आप अपने फोन में हमेशा कोई रोमांटिक सा रिंगटोन ही रखें | रोमांटिक रिंगटोन सुनकर लड़कियां अधिकतर लड़कों से काफी इंप्रेस (Impress) होती हैं लड़कियों को पटाने के लिए उन्हें इंप्रेस (Impress) करना बहुत ही जरूरी होता है |

ladki patane ka tarika 6

अगर लड़की उम्र में आप से छोटी हो फिर भी आप उनसे “आप” कह कर ही बात करें | उन्हें लगना चाहिए कि आप उनकी बहुत इज्जत करते हैं |

ladki patane ka tarika 7

लड़कियों के सामने कभी भी स्मोकिंग (Smoking) नहीं करना चाहिए और ना ही ड्रिंकिंग (Drinking Alcohol) करना चाहिए | यह बात हमेशा याद रखें कि लड़कियां गुड manners वाले लड़कों को ही पसंद करती हैं |

 

ladki patane ke tarike 8

अगर लड़की कोई खास टाइप की बुक पढ़ती हैं या पढ़ने की शौकीन हैं तो आप उसे वह बुक गिफ्ट करें; जैसे कि कॉमिक्स बुक्स, फिल्म मैगजीन | वह आपसे जरूर इंप्रेस होगी और आप उसे बाद में आसानी से पटा लेंगे |

ladki patane ke tarike 9

लड़कियां अगर ग्रुप में हों तो आप उन्हें (जिसे आप पटाना चाहते हैं) देखते रहें | ऐसा करने से वह भी आपकी तरफ अट्रेक्ट हो जाएगी |

ladki patane ke tarike 10

लड़कियां बहुत इमोशनल होती हैं इसलिए उनकी इमोशन की हमेशा क़दर करें और कभी भी उसका मजाक नहीं उड़ाएं | मजाक उड़ाने से लडकियां कभी भी लड़कों से नहीं पटेगी इसलिए इस बात का हमेशा ध्यान रखें |

ladki patane ke tarike 11

लड़कियां खाने-पीने की शौकीन होती हैं इसलिए खाने-पीने के मामले में लड़कों से काफी आगे होती हैं | उन्हें चटपटा खाना बहुत पसन्द होता है | इसलिए जब भी उनसे मिलो तो बिना खिलाएं-पिलाएं मत जाने दो | यह बात और है कि वह हमेशा ना-ना करती हैं लेकिन उनकी ना के पीछे ही तो उनकी हां होती है |

ladki patane ke tarike 12

आप कभी भी अपने परेशानियां को उससे मत शेयर करो | कोई भी लड़की ऐसे लड़के से प्यार नहीं करती जिसकी जिंदगी में ढेर सारी परेशानियां होती हैं | इसलिए उसे इस तरह से बात करो कि तुम इस दुनिया के सबसे खुश किस्मत इंसान हो भले ही तुम इस दुनियां के सबसे परेशांन लड़के हो |

ladki patane ke tarike 13

अगर लड़की तुम्हारी क्लास में पढ़ती है तो पता करो कि वह किस विषय में कमजोर है | उसे फिर बताओ कि तुम उस विषय के सबसे बड़े ज्ञानी हो | वह विषय सिखाते-सिखाते उसे अपने दिल का हाल बता दो | अगर वह तुमसे ज्यादा अकलमंद है तो तुम उससे मदद मांगो किसी विषय के लिए और अगर वह तुम्हारी मदद के लिए राजी हो जाये तो थैंक्स बोलकर आगे की बात करो |

ladki patane ke tarike 14

अगर तुम्हें पता है कि वह हर हफ्ते में किसी दिन को मंदिर को जाती है तो तुम भी मंदिर पहुंच जाओ | जैसे वह पहुंचे तुम मंदिर की घंटी बजाना चालू कर दो | उसके दिल की घंटी बज जाएगी वह भी भगवान के ही सामने | क्योंकि लड़कियां हमेशा उस लड़के को चाहती हैं जो लड़का पूजा पाठ में विश्वास रखता हो यदि लड़की पूजा-पाठ टाइप की हो तो | जब भी आप उस लड़की से मिलो तो उसके पसंद की चॉकलेट देना मत भूलो | लड़कियों के शौक पूरे करने से उनको पटाने में आसानी होती है |

ladki patane ke tarike 15

लड़कियों से हमेशा कांफिडेंस (Confidence) के साथ ही बातचीत करें, क्योंकि लड़कियां बिना कांफिडेंस वाले लड़के से दूर भागती हैं | लड़कियों से कभी मत शरमाएं | ज्यादातर लड़कियां शर्मीले लड़कों को पसंद नहीं करती हैं | इसलिए हमेशा लड़कियों से फ्रेंकली (Frankly) मिलो और बात करो |

 

ladki patane ka idea 16

लड़कियों से हमेशा रोमांटिक मूड में ही बात कीजिए और ऐसी बात करें जिससे उन्हें लगे कि आपको उनसे बात करके बहुत ही मजा आ रहा है |

ladki patane ka idea 17

अगर आप किसी पार्टी में गए हैं और वहां किसी लड़की को पटाना चाहते हो तो आप सबसे पहले लड़की से जाकर मिलो और अपना इंट्रोडक्शन (Introduction) दो | इससे धीरे-धीरे बातचीत का सिलसिला शुरु होगा, धीरे-धीरे बातचीत को आगे बढ़ाएं और इसतरह आप उसे जल्दी ही पटा लेंगे|

ladki patane ka idea 18

इंटेलिजेंट लड़कों से लड़कियां जल्दी ही इंप्रेस (Impress) होती हैं | इसलिए आप अपनी पढ़ाई-लिखाई को इंप्रूव (Improve) करें जिससे आप लड़कियों को आसानी से इंप्रेस कर सकते हैं |

ladki patane ka idea 19

अगर आपके पास उस लड़की का मेल id है तो उसको मेल करते रहें और यह एहसास दिलाएं आप दिनभर उसके ही ख्यालों में खोए रहते हैं

ladki patane ka idea 20

अगर कोई लड़की आपको कोई गिफ्ट देती है तो उस गिफ्ट की तारीफ जरुर करें | तारीफ करना लड़कियों को पटाने के लिए दीए में घी डालने की तरह होता है | लड़कियों की किसी भी चीज की तारीफ करना उनको बहुत ही पसंद होता है

ladki patane ka idea 21

अगर लड़की आप से कुछ मांगे तो उसे जरूर पूरा करने की कोशिश करें | इससे लड़कियां आपसे बहुत जल्दी ही इंप्रेस होगी और इतनी जल्दी कि जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं |

ladki patane ka idea 22

अगर लड़की आपकी कोई पड़ोसी है तो रोज सुबह उसको देखते ही गुड मॉर्निंग जरूर करें | इस तरह लड़कियों से पहले दोस्ती करो बाद में उनसे अपने दिल की बात कहो | प्यार के मामले में Patience से काम लें, जरा भी जल्दबाजी न करें |

ladki patane ka idea 23

लड़की घर के पास से जब भी आप गुजरे उसे देखने की कोशिश जरूर करें | उन्हें यह एहसास दिलाना जरूरी होता है कि आप उनमें काफी इंटरेस्ट रखते हैं

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Andhi Ma Ka Beta

अंधी माँ का बेटा

एक विधवा अंधी औरत का एक बेटा था, जिसे वह बहुत प्यार करती थी. वह चाहती थी कि पढ़-लिखकर उसका बेटा एक बड़ा आदमी बने. इसलिए गरीबी के बाद भी उसने कस्बे के सबसे अच्छे स्कूल में उसका दाखिला करवाया. लड़का पढ़ाई में तो अच्छा था, लेकिन एक बात से हमेशा परेशान रहा करता था. उसे स्कूल में दूसरे बच्चे ‘अंधी का बेटा’ कहकर चिढ़ाते थे. वह जहाँ भी दिख जाता, सब उसे ‘देखो अंधी का बेटा आ गया’ कहकर चिढ़ाने लगते.

इसका उस पर बहुत विपरीत असर हुआ और उसके मन में अपनी माँ के प्रति शर्म की भावना घर करने लगी. धीरे-धीरे ये शर्म चिढ़ में बदल गई. वह अपनी माँ के साथ कहीं भी आने-जाने से कतराने लगा. समय बीता और लड़का पढ़-लिखकर एक अच्छी नौकरी करने लगा. उसकी नौकरी शहर में थी. वह अपनी माँ को कस्बे में ही छोड़ गया. उसने अपनी माँ से वादा तो किया कि शहर में रहने की व्यवस्था करने के बाद वह उसे भी अपने साथ ले जायेगा. लेकिन उसने अपना वादा नहीं निभाया. शहर जाने के बाद उसने अपनी माँ से कोई संपर्क नहीं किया.

कुछ महीनों तक अंधी औरत अपने बेटे का इंतज़ार करती रही. लेकिन जब वह नहीं आया, तो एक दिन वह उससे मिलने शहर पहुँच गई. इधर-उधर पूछते-पूछते किसी तरह वह अपने बेटे के घर पहुँची. बाहर गार्ड खड़ा हुआ था. उसने गार्ड से कहा कि उसे उसके मालिक से मिलना है. गार्ड ने अंदर जाकर जब अपने मालिक को बताया, तो जवाब मिला – “बाहर जाकर बोल दो कि मैं अभी घर पर नहीं हूँ.” गार्ड ने वैसा ही किया. अंधी औरत दु:खी होकर वहाँ से चली गई. कुछ देर बाद लड़का अपनी कार में ऑफिस जाने के लिए निकला. रास्ते में उसने देखा कि एक जगह पर भीड़ लगी हुई है. भीड़ का कारण जानने के लिए जब वह कार से उतरा, तो बीच रास्ते में अपनी बूढ़ी माँ को मरा हुआ पाया.

उसकी माँ की लाश की मुठ्ठी में कुछ था. मुठ्ठी खोलने पर उसने देखा कि उसमें एक ख़त है. वह ख़त खोलकर पढ़ने लगा. बेटा, बहुत खुश हूँ कि तू बड़ा आदमी बन गया है. तुझसे मिलने का मन किया, तो शहर चली आई. इसके लिये मुझे माफ़ करना. क्या करूं तेरी बहुत याद आ रही थी. सालों से मेरी इच्छा थी कि एक दिन तुझे बड़ा आदमी बना हुआ देखूं. मेरा सपना तो पूरा हुआ, लेकिन तुझे मैं देख नहीं सकती. काश कि बचपन में तेरे साथ वो घटना नहीं हुई होती. काश तेरी आँखों में सरिया न घुसा होता और मैंने तुझे अपनी आँखें न दी होती, तो आज मैं तुझे इस ओहदे पर देख पाती.

तेरी बदकिस्मत माँ ख़त पढ़ने के बाद लड़का फूट-फूट कर रोने लगा. वह आत्मग्लानि से भर उठा. जिस माँ के अंधी होने के कारण वह उससे दूर हो गया था, उसने अपनी ही ऑंखें उसके लिए ही बलिदान कर दी थी. वह ताउम्र खुद को माफ़ नहीं कर सका.
दोस्तों, माता-पिता का प्रेम असीम है. ये वो अनमोल प्रेम है, जिसकी कोई कीमत नहीं. वे हमारे सुख लिए अपना सर्वस्य न्यौछावर कर देते हैं. हमें सदा उनका सम्मान और उनसे प्रेम करना चाहिए.

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Kagaz Ka Tukda

राधिका और नवीन को आज तलाक के कागज मिल गए थे। दोनो साथ ही कोर्ट से बाहर निकले। दोनो के परिजन साथ थे और उनके चेहरे पर विजय और सुकून के निशान साफ झलक रहे थे। चार साल की लंबी लड़ाई के बाद आज फैसला हो गया था। दस साल हो गए थे शादी को मग़र साथ मे छः साल ही रह पाए थे। चार साल तो तलाक की कार्यवाही में लग गए। राधिका के हाथ मे दहेज के समान की लिस्ट थी जो अभी नवीन के घर से लेना था और नवीन के हाथ मे गहनों की लिस्ट थी जो राधिका से लेने थे।

साथ मे कोर्ट का यह आदेश भी था कि नवीन दस लाख रुपये की राशि एकमुश्त राधिका को चुकाएगा। राधिका और नवीन दोनो एक ही टेम्पो में बैठकर नवीन के घर पहुंचे। दहेज में दिए समान की निशानदेही राधिका को करनी थी। इसलिए चार वर्ष बाद ससुराल जा रही थी। आखरी बार बस उसके बाद कभी नही आना था उधर। सभी परिजन अपने अपने घर जा चुके थे। बस तीन प्राणी बचे थे।नवीन, राधिका और राधिका की माता जी। नवीन घर मे अकेला ही रहता था। मां-बाप और भाई आज भी गांव में ही रहते हैं। राधिका और नवीन का इकलौता बेटा जो अभी सात वर्ष का है कोर्ट के फैसले के अनुसार बालिग होने तक वह राधिका के पास ही रहेगा। नवीन महीने में एक बार उससे मिल सकता है। घर मे प्रवेश करते ही पुरानी यादें ताज़ी हो गई। कितनी मेहनत से सजाया था इसको राधिका ने। एक एक चीज में उसकी जान बसी थी। सब कुछ उसकी आँखों के सामने बना था।एक एक ईंट से धीरे धीरे बनते घरोंदे को पूरा होते देखा था उसने। सपनो का घर था उसका। कितनी शिद्दत से नवीन ने उसके सपने को पूरा किया था। नवीन थकाहारा सा सोफे पर पसर गया। बोला "ले लो जो कुछ भी चाहिए मैं तुझे नही रोकूंगा" राधिका ने अब गौर से नवीन को देखा। चार साल में कितना बदल गया है। बालों में सफेदी झांकने लगी है। शरीर पहले से आधा रह गया है। चार साल में चेहरे की रौनक गायब हो गई।

वह स्टोर रूम की तरफ बढ़ी जहाँ उसके दहेज का अधिकतर समान पड़ा था। सामान ओल्ड फैशन का था इसलिए कबाड़ की तरह स्टोर रूम में डाल दिया था। मिला भी कितना था उसको दहेज। प्रेम विवाह था दोनो का। घर वाले तो मजबूरी में साथ हुए थे। प्रेम विवाह था तभी तो नजर लग गई किसी की। क्योंकि प्रेमी जोड़ी को हर कोई टूटता हुआ देखना चाहता है। बस एक बार पीकर बहक गया था नवीन। हाथ उठा बैठा था उसपर। बस वो गुस्से में मायके चली गई थी। फिर चला था लगाने सिखाने का दौर । इधर नवीन के भाई भाभी और उधर राधिका की माँ। नोबत कोर्ट तक जा पहुंची और तलाक हो गया। न राधिका लौटी और न नवीन लाने गया। राधिका की माँ बोली" कहाँ है तेरा सामान? इधर तो नही दिखता। बेच दिया होगा इस शराबी ने ?" "चुप रहो माँ" राधिका को न जाने क्यों नवीन को उसके मुँह पर शराबी कहना अच्छा नही लगा।

फिर स्टोर रूम में पड़े सामान को एक एक कर लिस्ट में मिलाया गया। बाकी कमरों से भी लिस्ट का सामान उठा लिया गया। राधिका ने सिर्फ अपना सामान लिया नवीन के समान को छुवा भी नही। फिर राधिका ने नवीन को गहनों से भरा बैग पकड़ा दिया। नवीन ने बैग वापस राधिका को दे दिया " रखलो, मुझे नही चाहिए काम आएगें तेरे मुसीबत में ।" गहनों की किम्मत 15 लाख से कम नही थी। "क्यूँ, कोर्ट में तो तुम्हरा वकील कितनी दफा गहने-गहने चिल्ला रहा था" "कोर्ट की बात कोर्ट में खत्म हो गई, राधिका। वहाँ तो मुझे भी दुनिया का सबसे बुरा जानवर और शराबी साबित किया गया है।" सुनकर राधिका की माँ ने नाक भों चढ़ाई। "नही चाहिए। वो दस लाख भी नही चाहिए" "क्यूँ?" कहकर नवीन सोफे से खड़ा हो गया। "बस यूँ ही" राधिका ने मुँह फेर लिया। "इतनी बड़ी जिंदगी पड़ी है कैसे काटोगी? ले जाओ,,, काम आएगें।" इतना कह कर नवीन ने भी मुंह फेर लिया और दूसरे कमरे में चला गया। शायद आंखों में कुछ उमड़ा होगा जिसे छुपाना भी जरूरी था। राधिका की माता जी गाड़ी वाले को फोन करने में व्यस्त थी।

राधिका को मौका मिल गया। वो नवीन के पीछे उस कमरे में चली गई। वो रो रहा था। अजीब सा मुँह बना कर। जैसे भीतर के सैलाब को दबाने दबाने की जद्दोजहद कर रहा हो। राधिका ने उसे कभी रोते हुए नही देखा था। आज पहली बार देखा न जाने क्यों दिल को कुछ सुकून सा मिला। मग़र ज्यादा भावुक नही हुई। सधे अंदाज में बोली "इतनी फिक्र थी तो क्यों दिया तलाक?" "मैंने नही तलाक तुमने दिया" "दस्तखत तो तुमने भी किए" "माफी नही माँग सकते थे?" "मौका कब दिया तुम्हारे घर वालों ने। जब भी फोन किया काट दिया।" "घर भी आ सकते थे"? "हिम्मत नही थी?" राधिका की माँ आ गई। वो उसका हाथ पकड़ कर बाहर ले गई। "अब क्यों मुँह लग रही है इसके? अब तो रिश्ता भी खत्म हो गया" मां-बेटी बाहर बरामदे में सोफे पर बैठकर गाड़ी का इंतजार करने लगी। राधिका के भीतर भी कुछ टूट रहा था। दिल बैठा जा रहा था। वो सुन्न सी पड़ती जा रही थी। जिस सोफे पर बैठी थी उसे गौर से देखने लगी। कैसे कैसे बचत कर के उसने और नवीन ने वो सोफा खरीदा था। पूरे शहर में घूमी तब यह पसन्द आया था।"

फिर उसकी नजर सामने तुलसी के सूखे पौधे पर गई। कितनी शिद्दत से देखभाल किया करती थी। उसके साथ तुलसी भी घर छोड़ गई। घबराहट और बढ़ी तो वह फिर से उठ कर भीतर चली गई। माँ ने पीछे से पुकारा मग़र उसने अनसुना कर दिया। नवीन बेड पर उल्टे मुंह पड़ा था। एक बार तो उसे दया आई उस पर। मग़र वह जानती थी कि अब तो सब कुछ खत्म हो चुका है इसलिए उसे भावुक नही होना है। उसने सरसरी नजर से कमरे को देखा। अस्त व्यस्त हो गया है पूरा कमरा। कहीं कंही तो मकड़ी के जाले झूल रहे हैं। कितनी नफरत थी उसे मकड़ी के जालों से? फिर उसकी नजर चारों और लगी उन फोटो पर गई जिनमे वो नवीन से लिपट कर मुस्करा रही थी। कितने सुनहरे दिन थे वो। इतने में माँ फिर आ गई। हाथ पकड़ कर फिर उसे बाहर ले गई।

बाहर गाड़ी आ गई थी। सामान गाड़ी में डाला जा रहा था। राधिका सुन सी बैठी थी। नवीन गाड़ी की आवाज सुनकर बाहर आ गया। अचानक नवीन कान पकड़ कर घुटनो के बल बैठ गया। बोला--" मत जाओ,,, माफ कर दो" शायद यही वो शब्द थे जिन्हें सुनने के लिए चार साल से तड़प रही थी। सब्र के सारे बांध एक साथ टूट गए। राधिका ने कोर्ट के फैसले का कागज निकाला और फाड़ दिया । और मां कुछ कहती उससे पहले ही लिपट गई नवीन से। साथ मे दोनो बुरी तरह रोते जा रहे थे।

दूर खड़ी राधिका की माँ समझ गई कि कोर्ट का आदेश दिलों के सामने कागज से ज्यादा कुछ नही। काश उनको पहले मिलने दिया होता? 🙏🙏🙏😢😢💔💔😪😪🙏🙏

from Hindi Story
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Pita Ki Zid

पिता जिद कर रहा था कि #उसकी चारपाई #गैलरी में डाल दी #जाये।* *#बेटा #परेशान था।* *बहू बड़बड़ा रही थी..... कोई बुजुर्गों को अलग कमरा नही देता। हमने दूसरी मंजिल पर कमरा दिया.... सब सुविधाएं हैं, नौकरानी भी दे रखी है। पता नहीं, सत्तर की उम्र में सठिया गए हैं?*

*#पिता #कमजोर और #बीमार हैं....*
*#जिद कर रहे हैं, तो #उनकी चारपाई गैलरी में डलवा ही देता हूँ। निकित ने सोचा। पिता की इच्छा की पू्री करना उसका स्वभाव था।* *अब #पिता की #चारपाई गैलरी में आ गई थी।* *हर समय चारपाई पर पडे रहने वाले पिता* *अब #टहलते टहलते गेट तक #पहुंच जाते ।* *कुछ देर लान में टहलते । लान में खेलते* *नाती - पोतों से बातें करते ,* *हंसते , बोलते और मुस्कुराते ।*

*कभी-कभी बेटे से मनपसंद खाने की चीजें* *लाने की फरमाईश भी करते ।* *खुद खाते , बहू - बटे और बच्चों को भी खिलाते ....* *धीरे-धीरे उनका स्वास्थ्य अच्छा होने लगा था।* *दादा ! मेरी बाल फेंको... गेट में प्रवेश करते हुए निकित ने अपने पाँच वर्षीय बेटे की आवाज सुनी,* *तो बेटा अपने बेटे को डांटने लगा...😗

*अंशुल बाबा बुजुर्ग हैं, उन्हें ऐसे कामों के लिए मत बोला करो।* *पापा ! दादा रोज हमारी बॉल उठाकर फेंकते हैं....अंशुल भोलेपन से बोला।* *क्या... "निकित ने आश्चर्य से पिता की तरफ देखा ?* *पिता ! हां बेटा तुमने ऊपर वाले कमरे में सुविधाएं तो बहुत दी थीं।* *लेकिन अपनों का साथ नहीं था। तुम लोगों से बातें नहीं हो पाती थी।* *जब से गैलरी मे चारपाई पड़ी है, निकलते बैठते तुम लोगों से बातें हो जाती है।* *शाम को अंशुल -पाशी का साथ मिल जाता है।*

*पिता कहे जा रहे थे और निकित सोच रहा था.....* *बुजुर्गों को शायद भौतिक सुख सुविधाऔं* *से ज्यादा अपनों के साथ की जरूरत होती है....।*

*बुज़ुर्गों का सम्मान करें ।* *यह हमारी धरोहर है ...!* *यह वो पेड़ हैं, जो थोड़े कड़वे है, लेकिन इनके फल बहुत मीठे है, और इनकी छांव का कोई मुक़ाबला नहीं !*

*#और अपने #बुजुर्गों का #खयाल हर हाल में #अवश्य रखें...।🌸

from Hindi Story
barish par shayari hindi mai

barish par shayari hindi mai

ग़म की बारिश ने भी तेरे नक़्श को धोया नहीं
तू ने मुझ को खो दिया पर मैं ने तुझे खोया नहीं.
Gam Ki Barish Ne Bhi Tere naksh Ko Dhoya Nahi,
Tu Ne Mujh Ko Kho Diya Par Me Ne Tujhe Khoya Nahi

सुना है बारिश में दुआ क़बूल होती है
अगर हो इज्जाजत तो मांग लू तुम्हे
Suna Hai Barish Me Duwa kabul Hoti Hai,
Agar Ho Ejajat To Mang Lu Tumhe

from Barish Shayari
romantic barish shayari for girlfriend

romantic barish shayari for girlfriend

अबके बरसात की रुत और भी भड़कीली है
जिस्म से आग निकलती है, क़बा गीली है.
Abke Barst Ki Rut Aur Bhi Bhdkili Hai
Jism Se Aag Niklti Hai Kaba Gili Hai

बरसात की भीगी रातों में फिर कोई सुहानी याद आई
कुछ अपना ज़माना याद आया कुछ उनकी जवानी याद आई
Barsat Ki Bhigi Raton Me Fir Koi Suhani Yad Aai
Kuch Apna Zamana Yad Aaya Kuch Unki Jvani Yad Aae

from Barish Shayari
romantic barish shayari for boyfriend

romantic barish shayari for boyfriend

सीने में समुन्दर के लावे सा सुलगता हूँ
मैं तेरी इनायत की बारिश को तरसता हूँ.
Sene Me Samundar Ke lave Sa Sulagta Hun
Me Teri Enayat Ki Barish Ko Trasta Hun

बरसात का बादल तो दीवाना है क्या जाने
किस राह से बचना है किस छत को भिगोना है
Barsat Ka Badal To Devana Hai Kya Jane
Kis Rah Se Bachna Hai Kis Chat Ko Bhigona Hai

from Barish Shayari
deep shayari on dosti

deep shayari on dosti

udaas ka ye patthar asoon se nam nahi hota
hazaron jugnu hai phir bhi andhera kam nahi hota
उदास का ये पत्थर असून से नाम नहीं होता
हजारों जुगनू है फिर भी अँधेरा कम नहीं होता
bohut se log dil kois tarah se mahefooz rakhte hai
koi barish ho to bhi kagaz nam nahi hota
बहुत से लोग दिल किस तरह से महफूज़ रखती है
कोई बारिश हो तो भी कागज़ नाम नहीं होता
bichadte waqt koi bad gumani dil main utar jati hai
ise bhi gum nahi hota mujhe bhi gum nahi hota
बिछड़ते वक़्त कोई बद गुमानी दिल में उतर जाती है
इसे भी गम नहीं होता मुझे भी गम नहीं होता

from Deep Shayari
hindi deep shayari on life

hindi deep shayari on life

waqt badla to chalo koi baat nahi
kya khabar thi ke tera laheza hi badal jayega
वक़्त बदला तो चलो कोई बात नहीं
क्या खबर थी कि तेरा लहजा ही बदल जायेगा

tera dil pighla nahi humne magar socha
waqt ke saath ye patthar dil bhi pighal jayega
तेरा दिल पिघला नहीं हमने मगर सोचा
वक़्त के साथ ये पत्थर दिल भी पिघल जायेगा

na jane kya kasish hai unki aankho main
najar andaaz jitna karo utna hi najar aate hai
न जाने क्या कशिश है उनकी आँखों मैं
नजर अंदाज़ जितना करो उतना ही नजर आते है

from Deep Shayari