26 january love shayari

ज़माने भर में मिलते है आशिक कई
मगर वतन से खुबसूरत कोई सनम नहीं होता
नोटों में भी लिपट कर सोने में भी सिमट कर मरे हे कई
मगर तिरंगे से खुबसूरत कोई कफ़न नहीं होता

from 26 January Republic Day Shayari