dua me yaad rakhna

dua me yaad rakhna

नमाज़ की तो वो शान है जो रोक देती हैं तवाफ़-ए-काबा को ए इंसान,
तेरे कामों की क्या औक़ात है जिस के लिए तू नमाज़ को छोड़ देता हैं.

Jumma Mubarak Shayari