sher o shayari tumse door

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तमाम उम्र ज़िंदगी से दूर रहे
तेरी ख़ुशी के लिए तुझसे दूर रहे
अब इस से बढ़कर वफ़ा की सज़ा क्या होगी
कि तेरे होकर भी तुझसे दूर रहे

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