suhana mausam shayari

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तुम्हारे शहर का मौसम का मज़ा बड़ा सुहाना लगे
मै एक साम चुरा लूं अगर बुरा ना लगे
सुहाना मौसम शायरी

मासूम मोहब्बत का बस इतना फसाना है,
कागज़ की हवेली है बारिश का ज़माना है.
Masum Mohabbat Ka Bas Itna Fsana Hai,
Kagaz Ki Hveli Hai Barish Ka Jamana Hai.

गुल तेरा रंग चुरा लाए हैं गुलज़ारों में
जल रहा हूँ भरी बरसात की बौछारो में.
Gul Tera Rang Chura laye Hai Guljaron Me,
Jal Raha Hun Bhari Barsat Ki Baucharo Me

Barish Shayari