Tere Kareeb Romantic Shayari

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तेरे करीब आकर बड़ी उलझन में हूँ
मै गैरो में हूँ या तेरे अपने में हूँ

saza ban jati hai gujre waqt ki yaadein
naje Q matlab ke liye maher baan ho jate hi log
सजा बन जाती है गुज़रे वक़्त की यादें
नाज़े क्यू मतलब के लिए माहेर बाण हो जाते ही लोग

zara si baat par log chod dete hai apno ka saath
umar beet jati hai phir kisi ko apna banane main
ज़रा सी बात पर लोग छोड़ देते है अपनों का साथ
उम्र बीत जाती है फिर किसी को अपना बनाने मैं

main jo chalta hoon tere ishq ki anggaro par
pao to jalte hai par dil qarar aata hai
मैं जो चलता हूँ तेरे इश्क़ की अंगारो पर
पाओ तो जलते है पर दिल क़रार आता है

hone do mukhatib mujhe aaj in honto se abbas
baat na to ye samjh rahe hai par guftagu jari hai
होने दो मुख़ातिब मुझे आज इन होंटो से अब्बास
बात न तो ये समझ रहे है पर गुफ़्तगू जारी है

from Romantic Shayari In Hindi